अपने पत्रकारीय जीवन मे भोपाल कार्यालय मे पुस्तक “समाचारों की दुनिया ” के लेखन के बाद 2007 मे जयपुर लौटा तो सहयोगी पत्रकार जनार्दन कुलश्रेष्ठ से जयपुर मे कार्यरत भरतपुर क्षेत्र के मीडियाकर्मीयों के बारे मे जानकारी हुई। डा.लोकेश चन्द्र शर्मा,गोपाल गुप्ता, विनोद गेरा और किशोर शर्मा के सहयोग से इन साथियों से मिलने जुलने का सिलसिला शुरू हुआ । इसी क्रम मे 3 अगस्त 2008 को भरतपुर मे पत्रकार सहयोगिओं से चर्चा हुई। इस बीच लोहागढ़ विकास परिषद के प्रदेश संयोजक डा. प्रदीप चतुर्वेदी से चर्चा के दौरान भरतपुर स्थापना दिवस समारोह मानने की बात आई । नवंबर 2010 में लोहागढ़ दुर्ग स्थित बिहारी जी के मंदिर में अनौपचारिक बैठक में हर साल 19 फरवरी को भरतपुर स्थापना दिवस मानने का निश्चय किया गया। लगभग 200 महानुभवों को लोहागढ़ विकास परिषद की ओर से पत्र लिखे गये और दिसंबर 2010 में हिन्दी साहित्य समिति में आयोजित बैठक में प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा निर्धारित की गई और कारवां चल पड़ा।
भरतपुर में जन्मी राजस्थान की कला पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बीना काक से मिलकर स्थापना दिवस पर पर्यटन विभाग की ओर से संस्कृत संध्या आयोजित करने तथा ब्रज महोत्सव (2 से 4 फरवरी) को स्थापना दिवस (19 फरवरी) के साथ आयोजित किये जाने की मांग की गई। इस प्रक्रिया के साथ- साथ राजस्थान को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड सरस के सहयोग से बहुरंगी केलेंडर प्रकाशित किए गये । मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने इसका लोकार्पण किया।
भरतपुर में लुपिन के अधिशासी निदेशक सीताराम गुप्ता ने तन मन धन ओर अपनी टीम सहित भरतपुर स्थापना दिवस समारोह को पूर्ण सहयोग देकर हमारा हौसला बढ़ाया। संभागीय आयुक्त राजेश्वर सिंह ने प्रशासनिक सहयोग का संबल दिया ओर उनका यह सुझाव हमें व्यवहारिक लगा की कमेटी बनाने, चंदा जुटाने की अपेक्षा कार्यक्रम निर्धारित कर संस्थाओं, संगठनो आदि को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाये। स्कूल-कालेज विध्यार्थियों तथा नागरिकों के लिये “मेरे सपनों का भरतपुर” निबंध प्रतोयोगिता के आयोजन का गुरुतर दायित्व पूर्व शिक्षा उपनिदेशक ड़ा. दाऊ दयाल गुप्ता ओर वरिष्ठ पत्रकार मोहनलाल मधुकर ने अपने सहयोगियों के साथ संभाला। संगोष्ठी, दीपदान, महाआरती, जनता महायज्ञ के आयोजन हुए। नगरपरिषद की सभापति सुमन कोली ओर उनकी टीम जुट गई। शिक्षा विभाग के सहयोग से पांच स्थानों से आरंभ भरतपुर स्वाभिमान दौड़ ने तो समां बांध दिया। महाराजा सूरजमल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि का गरिमामय कार्यक्रम हुआ तो पर्यटन विभाग एवं नगर परिषद के सहयोग से संस्कृतिक कार्यक्रम के साथ भरतपुर स्थापना दिवस समारोह संपन्न हुआ।इस सफर में अब नये आयाम जोड़कर इस आभियान को जनसहभागिता से जीवंत बनाया जायेगा।