भरतपुर स्थापना दिवस समारोह – विरासत दर्शन

फव्वारों पर डीग सुहाता, इन्द्रधनुष धरती पर आता

भरतपुर 14 फरवरी | आकाश में इन्द्रधनुष कब दिखाई देता हैं | यदि धरती पर इन्द्रधनुष देखना है तो डीग के प्रसिद्ध जलमहलों में रंगीन फव्वारों की विरासत में इसे देखा जा सकता है| नई पीढ़ी से वरिष्ठ गीतकार  गोपाल प्रसाद मुद्गल के इस संवाद के साथ लोहागढ़ विकास परिषद के तत्वाधान में मनाये जा रहे 283 वें भरतपुर स्थापना दिवस समारोह के विरासत दर्शन कार्यक्रम का आगाम हुआ |

जिला प्रशासन शिक्षा विभाग भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण तथा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के सहयोग से भरतपुर जिले में आयोजित तीन दिवसीय विरासत दर्शन कार्यक्रम के पहले दिन रविवार को डीग और कामां में विध्यार्तियों को ऐतिहासिक स्मारकों का अवलोकन करवाया गया |

उत्साह भरे वातावरण में विद्यार्तियों ने अपनी ऐतिहासिक धरोहर के बारे में जानकारी हासिल की |

डीग में छात्र छात्रायें जलमहल के सिंहद्वार पर एकत्रित हुए | डीग की विशिष्टता से जुड़े नारों के उद्घोष से महल गुंजित हो उठे |

इन नारों में मुख्य थे – फव्वारों पर डीग सुहाता| इन्द्रधनुष धरती पर आता|| आओं बहनों आओं भाई | जलमहलों की रखे सफाई|| किला, महल, सरोवर उद्यान|  चारों पर दुनिया कुर्बान ||

 

जलमहलों के बारह भवनों में मुख्य गोपाल भवन की विशिष्टता और स्थापत्य को अनोखे अंदाज़ में प्रस्तुत करते हुए गोपाल प्रसाद मुद्गल ने बताया की जब फव्वारे चलते है तो सूरज की रोशनी में लगता है, इन्द्रधनुष पृथ्वी पर उतर आया हो| उन्होंने डीग किले की लाखा बुर्ज पर रखी लाखा तोप की हैरतअंगेज कहानी भी सुनाई | भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अशोकजी तथा नारायणदत्त, सोहनलाल चन्द्रमान शर्मा और मनोज मणि ने भी महलों के दौरान छात्र-छात्राओं को विरासत के बारे में जानकारी दी |

 

भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली रही (काम्यवन) कामां में छात्र – छात्राओं को चील महल तथा चौरासी खम्बा का अवलोकन करवाया गया | प्रधानाचार्य कुंजबिहारी शर्मा, हेमेन्द्र भारतीय कविश्याम साहू तथा  गीतकार विट्ठल पारीक ने ऐतिहासिक पौराणिक धार्मिक सांस्कृतिक नगरी से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी | उन्होंने विधर्तियों के उत्सुकता भरे सवालों के जबाब दिए |

 

विरासत दर्शन कार्यक्रम के दूसरे दिन 15 फरवरी बयाना में छात्र-छात्राओं को विजयगढ़ किला, उषा मंदिर तथा अन्य ऐतिहासिक मंदिरो का अवलोकन करवाया जायेगा | अंतिम दिन 16 फरवरी को भरतपुर के राजकीय संग्राहलय, जवाहर बुर्ज एवं लोहागढ़ दुर्ग पर विरासत दर्शन कार्यक्रम आयोजित किआ जायेगा |